अम्मा. ......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... ! फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ... फिर शब्द बुने ! फिर भाव भरे ! .... मैं अब कविता गुनता हूँ , कहानी गड़ता हूँ .. जिन्हें दुनिया पढ़ती है ..खो जाती है .. रोती है ... मुस्कराती है ...हंसती है ..चिल्लाती है ... .....मुझे इनाम ,सम्मान , पुरस्कार से अनुग्रहित करती है ...! .....और मैं किसी अँधेरे कोने में बैठकर, ....खुदा के सजदे में झुककर , धीमे से बोलता हूँ ...अम्मा !!! विजय अम्मा. ......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... ! फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ... फिर शब्द बुने ! फिर भाव भरे ! .... मैं अब कविता गु... और जानिएं » 9:45 am