पुरस्कार श्रेष्ठता का पैमाना नहीं होता लेकिन श्रेष्ठता का सम्मान जरूर होता हैं।
बचपन में हमें जहाँ भी खिलौने दिखाई देते थे , हम अनायास ही ठिठक जाते थे । हमारे लिए दुनिया का मंहगा उपहार व्यर्थ था इन खिलौनों के एवज में । ...
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पुरस्कार श्रेष्ठता का पैमाना नहीं होता लेकिन श्रेष्ठता का सम्मान जरूर होता हैं।
बचपन में हमें जहाँ भी खिलौने दिखाई देते थे , हम अनायास ही ठिठक जाते थे । हमारे लिए दुनिया का मंहगा उपहार व्यर्थ था इन खिलौनों के एवज में । ...
कल सुबह अचानक फोन की घंटी .....फोन उठाते ही दूसरी तरफ से आवाज़ आई - "पापा ! मैं रश्मि बोल रही हूँ !" "हाँ ! बोल बेटा कैसी है ...