राजनीति के केंद्र से गायब हो रहा आम आदमी
भ्रष्टाचार और मूल्यहीनता की समस्याएं पहले भी थी । पहले भी टूटते थे मिथक और चटखती थी आस्थाएं । यहाँ तक कि मर्यादाएं लांघने की वेशर्मी पहल...
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राजनीति के केंद्र से गायब हो रहा आम आदमी
भ्रष्टाचार और मूल्यहीनता की समस्याएं पहले भी थी । पहले भी टूटते थे मिथक और चटखती थी आस्थाएं । यहाँ तक कि मर्यादाएं लांघने की वेशर्मी पहल...