वही ख्याल: लीक से हटकर.....(3)
बलि के बकरे सा मन सिकुड़े शरीर के साथ मेमियाता है ......... अदृश्य में कोई रस्सी खींचता ज...
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वही ख्याल: लीक से हटकर.....(3)
बलि के बकरे सा मन सिकुड़े शरीर के साथ मेमियाता है ......... अदृश्य में कोई रस्सी खींचता ज...