क्यूं पहचानेगा कोई मुझे अब मेरे शहर में
क्यूं पहचानेगा कोई मुझे अब मेरे शहर में हो गया अनजाना अब अपने ही शहर में सोने चांदी से भर गयी झोलियाँ सबकी बन गए मकाँ बड...
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क्यूं पहचानेगा कोई मुझे अब मेरे शहर में
क्यूं पहचानेगा कोई मुझे अब मेरे शहर में हो गया अनजाना अब अपने ही शहर में सोने चांदी से भर गयी झोलियाँ सबकी बन गए मकाँ बड...