छोटा सा काँटा
चलते चलते ध्यान रखते रखते भी पैर में चुभ गया छोटा सा काँटा चलना रुका नहीं पर दर्द से हाल बेहाल करने लगा छोटा सा काँटा बैठ गया पे...
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छोटा सा काँटा
चलते चलते ध्यान रखते रखते भी पैर में चुभ गया छोटा सा काँटा चलना रुका नहीं पर दर्द से हाल बेहाल करने लगा छोटा सा काँटा बैठ गया पे...
कहानियाँ किस्से सुनना अब भाता नहीं मुझे
कहानियाँ किस्से सुनना अब भाता नहीं मुझे खुद की कहानियों किस्से सुनाने से ही फुर्सत नहीं कैसे किसी और की कहानियां सुनूं मेर...
क्यूं पहचानेगा कोई मुझे अब मेरे शहर में
क्यूं पहचानेगा कोई मुझे अब मेरे शहर में हो गया अनजाना अब अपने ही शहर में सोने चांदी से भर गयी झोलियाँ सबकी बन गए मकाँ बड...