आदाब से अदब तक, यही है लखनऊ मेरी जान !
लोग कहते हैं कि जहाँ अदब करवट ले वही अवध है , यानी वही लखनऊ है ....सूरज में एक अलग प्रकार की लाली महसूस करता हुआ शहर.....फिजाओं में तहजीब क...
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आदाब से अदब तक, यही है लखनऊ मेरी जान !
लोग कहते हैं कि जहाँ अदब करवट ले वही अवध है , यानी वही लखनऊ है ....सूरज में एक अलग प्रकार की लाली महसूस करता हुआ शहर.....फिजाओं में तहजीब क...
मौन है क्यों कुछ तो बता लखनऊ शहर ?
चाहे लखनऊ हो , दिल्ली हो या फिर मुम्बई । सुनने में रोमांच पैदा करता है महानगर , लेकिन जो महानगर में निवास करते हैं उनसे पूछिए महानगर की त्र...