श्रेष्ठ होने का अहम्
मुझे अकेला देख आज सूनी पगडंडी भी मुझ पर हँस रही थी किनारे लगे पेड़ आश्चर्य से देख रहे थे पेड़ पर बैठी कोयल भी क्रोध में जोर...
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श्रेष्ठ होने का अहम्
मुझे अकेला देख आज सूनी पगडंडी भी मुझ पर हँस रही थी किनारे लगे पेड़ आश्चर्य से देख रहे थे पेड़ पर बैठी कोयल भी क्रोध में जोर...