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लौटा है शीत जब से गाँव लौटा है शीत जब से गाँव

प्रीति भई बावरी , देख घटा सांवरी , है धरती पे उसके न पाँव , लौटा है शीत जब से गाँव । सुरमई उजालों में चुम्बन ले घासों को , बेंध रही हौले से...

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10:37 am
 
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