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परिकल्पना ब्लॉग उत्सव इसबार मॉरीशस..... परिकल्पना ब्लॉग उत्सव इसबार मॉरीशस.....

परिकल्पना केवल एक सामुदायिक ब्लॉग नहीं, बल्कि हिन्दी के माध्यम से एक सुंदर और खुशहाल सह- अस्तित्व की परिकल्पना को मूर्तरूप देने की कोशिश है...

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12:31 pm

ब्लॉगोत्सव-२०१४, परिकल्पना समय की अब तक कुछ ख़ास झलकियाँ (समापन) ब्लॉगोत्सव-२०१४, परिकल्पना समय की अब तक कुछ ख़ास झलकियाँ (समापन)

समय  .... यह समय जो हमेशा हमारे साथ होता है इसी ने बनाया था परिकल्पना का मंच  साक्षी बन बहुत कुछ कहता गया   हिंदी - हिंदी ब्लॉग्स...

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4:00 pm

ब्लॉगोत्सव-२०१४, कहने को ,सुनाने को और था, लेकिन .... ३ (समापन) ब्लॉगोत्सव-२०१४, कहने को ,सुनाने को और था, लेकिन .... ३ (समापन)

पूरी हुई परिक्रमा  … अब बारी है कुछ अपनी कह सुनाने की  नहीं कहना मैंने नहीं सीखा  हाँ, कहने से पहले सोचती हूँ  कुछ वक़्त को वक़्...

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12:00 pm

ब्लॉगोत्सव-२०१४, कहने को ,सुनाने को और था, लेकिन .... २ (समापन) ब्लॉगोत्सव-२०१४, कहने को ,सुनाने को और था, लेकिन .... २ (समापन)

कितनी बातें जो तेरे शहर की थीं  हाँ मेरे गाँव से थोड़ा अलग  …  उनको जोड़कर  तोड़कर  कहना तो था अभी और   लेकिन फिर कभी ! अभी...

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11:00 am

ब्लॉगोत्सव-२०१४, कहने को ,सुनाने को और था, लेकिन .... १ (समापन) ब्लॉगोत्सव-२०१४, कहने को ,सुनाने को और था, लेकिन .... १ (समापन)

दो बुलबुले आँखों के मुहाने से बादलों की तरह ख़्वाबों की दुनिया बनाते हैं .... ये ख़्वाबों की दुनिया कितनी अच्छी लगती है ! न कहीं जाना...

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10:00 am
 
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