परिकल्पना के
अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉग सम्मेलन की जब बात चलती है तब मन में अभिव्यक्ति के एक दिव्य समारोह की
परिकल्पना होने लगती है। हो भी क्यों न, चाहे 30 अप्रैल 2011 का दिल्ली सम्मेलन हो, 27 अगस्त 2012 का लखनऊ सम्मेलन या फिर 14 सितंबर 2013 का काठमाण्डू सम्मेलन, अभिव्यक्ति का एक दिव्य समारोह ही तो था।
हिन्दी के माध्यम से एक खुशहाल सह अस्तित्व की परिकल्पना को मूर्तरूप देने के उद्देश्य से 2010 में शुरू किए गए "ब्लॉगोत्सव" इस बार चौथे वर्ष में प्रवेश कर रहा है, तो क्यों न ब्लॉग पर अभिव्यक्ति के इस दिव्य समारोह को "अभिव्यक्ति का दिव्यतम समारोह" बना दिया जाए?
आपका सुझाव अमूल्य है हमारे लिए, इसलिए आप अवश्य सुझाव दें कि दिल्ली, लखनऊ और काठमाण्डू के बाद इस बार कहाँ आयोजित किया जाये सेमिनार?
इस पर हम लगातार माथापच्ची करते रहेंगे, लेकिन उससे पहले चलिये प्रस्ताव करते हैं वर्ष 2014 के "
परिकल्पना ब्लॉगोत्सव" का।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी "परिकल्पना ब्लॉगोत्सव" की मुख्य संचालक रहेंगी रश्मि प्रभा जी। तो चलिये उन्हीं की जुवानी सुनते हैं, क्या होने जा रहा है इस बार -
"परिकल्पना की कल्पना प्रतीक्षित है
कल्पनाओं से गेट टूगेदर के लिए
मैं भी ख्यालों की रास थामे साहित्यिक अभिव्यक्ति के मैदान में
कलम के सशक्त योद्धाओं को देख रही हूँ और-
इस रंगमंच के परदे को उठाने को तत्पर हूँ …।"
इस बार हम कुछ अन्य भाषाओँ के साहित्य को भी लेंगे,
भाषा अलग ,भाव वही -
गुलाब को रोज कहो या गुलाबाची,
है तो वह बगीचे का राजा ही :)
भाषा अनेक, भाव एक,
राज्य अनेक, राष्ट्र एक,
पंथ अनेक, लक्ष्य एक,
बोली अनेक, स्वर एक,
रंग अनेक,
तिरंगा एक,
समाज अनेक,
भारत एक,
रिवाज अनेक,
संस्कार एक,
योजना अनेक,
मकसद एक,
कार्य अनेक,
संकल्प एक,
राह अनेक,
मंज़िल एक,
पहनावा अनेक,
प्रतिभा एक,
चेहरे अनेक, मुस्कान एक,
विविधता में एकता, यही भारत की पहचान …
यही है परिकल्पना का उद्देश्य … …
इस उद्देश्य में आप आमंत्रित हैं,
भारतीय व दक्षिण एशियाई भाषाओं की रचना के साथ,
अंग्रेजी,तमिल,उर्दू, .... हिंदी अनुवाद सहित।
भारत विविध भाषाओँ का सशक्त देश है - इस सशक्तता में आपका सशक्त योगदान अपेक्षित है …
आप अपनी रचनाओं को सीधे रश्मि प्रभा जी को प्रेषित करें। जल्दी करें, ई मेल आई डी है: