मुस्कुराहट बनाए रक्खो : रवीन्द्र प्रभात
।। ग़ज़ल।। - रवीन्द्र प्रभात गमजदा है माहौल बहुत आहट बनाए रक्खो। बच्चों के लिए अपनी मुस्कुराहट बनाए रक्खो। भूख से लड़कर ...
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मुस्कुराहट बनाए रक्खो : रवीन्द्र प्रभात
।। ग़ज़ल।। - रवीन्द्र प्रभात गमजदा है माहौल बहुत आहट बनाए रक्खो। बच्चों के लिए अपनी मुस्कुराहट बनाए रक्खो। भूख से लड़कर ...
ब्लोगोत्सव-२०१० : नीरज गोस्वामी,गौतम राजरिशी और अर्श की गज़लें
निर्मला जी की ग़ज़लों को आत्मसात करने के बाद आईये अब ग़ज़ल के इस कारवाँ को आगे बढाते है ..... () सबसे पहले आईये नीरज गोस्वामी की दो ग़ज़लों क...
हम लेकर आये हैं आज निर्मला जी की कुछ और गज़लें
ग़ज़ल अरबी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य विधा है जो बाद में फ़ारसी, उर्दू, और हिंदी साहित्य में भी बेहद लोकप्रिय हुइ। संगीत के क्षेत्र में इस वि...