निर्वाचन के घाट पे भई नेतन की भीड़
निर्वाचन के घाट पे , भई नेतन की भीड़ ! जनता बन गयी द्रौपदी , खींच रहे हैं चीर !! गदहा गाये भैरवी , तनिक न लागै लाज ! शाकाहारी बन गए , गिद्ध ...
🔽विश्व ब्लॉगकोश से जुड़ें और दर्ज कराएं अंतर्जाल पर अपनी सार्थक उपस्थिति
|
निर्वाचन के घाट पे भई नेतन की भीड़
निर्वाचन के घाट पे , भई नेतन की भीड़ ! जनता बन गयी द्रौपदी , खींच रहे हैं चीर !! गदहा गाये भैरवी , तनिक न लागै लाज ! शाकाहारी बन गए , गिद्ध ...
पके आम सा मन हुआ , रची पान सी प्रीत !!
कहा गया है, कि मन और बुद्धि के समर्पण की दिशा में एकता का रंग भरते हुए जीवन रूपी प्रवृतियों के कलश में संस्कार की मर्यादा को उतारना और आ...
हिन्दी चिट्ठाकार विश्लेषण -2007 (भाग-3)
बडे ढोल म पोल बड़ी , यही मुकद्दस बात ! जिसका दिल जितना बड़ा , वही "चकल्लस " गात !! नीरव की यह "वाटिका " देती है सन्देश !...
हिन्दी चिट्ठाकार विश्लेषण -2007 ( भाग -2 )
गूँज रहा है " रेडियो " " ई-मिरची " के संग ! "बाल किशन" का ब्लोग भी , खूब दिखाया रंग !! "शब्द लेख" ...
हिन्दी चिट्ठाकार विश्लेषण -2007
विश्लेषण- 2007 कुछ खट्टा - कुछ मीठा है , ब्लॉगजगत का हाल ! आओ तुम्हें सुनाएँ , कैसे बीता साल !! कहीं राड़- तकरार था , कहीं प्यार - इजहार ! ...