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 लघुकथाएं लघुकथाएं

कहते हैं दीपक बाबा - 'कि खबरें कहीं से भी आ सकती हैं, कुछ खबरें आपको बेचैन कर देतीं हैं, और बन्दा बक बक करने लग जाता है - यही ...

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4:26 pm

ज़िन्दगी - जितने चेहरे ,उतने रंग ज़िन्दगी - जितने चेहरे ,उतने रंग

ज़िन्दगी - जितने चेहरे ,उतने रंग - जहाँ पे सवेरा वहां ज़िन्दगी कभी बंजारों सी,कभी गुलमर्ग,कभी दहशत,कभी गीत,कभी अजनबी ....!!! जंगल में ...

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1:54 pm

चिंतन चिंतन

मन स्थिर नहीं जीवन स्थिर नहीं  रास्ते समतल नहीं  प्रश्नों के एक ही उत्तर नहीं  सिक्के के दो पहलु - पर सिक्का एक  मौस...

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10:00 am
 
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