वर्ष-2009 : हिन्दी ब्लॉग विश्लेषण श्रृंखला (क्रम-2)
.............. इ स्तीफा के सन्दर्भ में पद्मश्री के पी सक्सेना कहते हैं , कि " जिसे जाना होता है वह दे देता है । अ...
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वर्ष-2009 : हिन्दी ब्लॉग विश्लेषण श्रृंखला (क्रम-2)
.............. इ स्तीफा के सन्दर्भ में पद्मश्री के पी सक्सेना कहते हैं , कि " जिसे जाना होता है वह दे देता है । अ...
लो कर लो बात... मैं फिर आ गया वर्ष -२००९ के अपने पसंदीदा चिट्ठों को लेकर ...!
इसबार हिन्दी चिट्ठा विश्लेषण कुछ नए तरीके से करने की मेरी इच्छा हुयी । मैंने सोचा कि हरबार इसे प्रस्तुत करने के कुछ नए-नए तरीके ईजाद किये जा...
औरों से आगे औरों से अलग : ये है लखनऊ मेरी जान !
जी हाँ ! लखनऊ के बारे में यह कहाबत मशहूर है , कि औरों से अलग है यहाँ का मिजाज़ -औरों से आगे है यहाँ की तहजीब । शायद दुनिया का एक मात्र ऐसा ...
शर्मा जी के घर आने वाली है मूंछों वाली वहू ...बहूभोज में आप भी आमंत्रित हैं .
हमारे पड़ोस में हैं एक शर्मा जी , पेशे से अध्यापक और वेहद सांस्कारिक व्यक्तित्व । पिछले रविबार को उन्होंने मुझे सपरिवार चाय पर बुलाया । मेरी ...
बक्त आएंगे जिसके वो मर जायेंगे
हर्फ़ में जब तसब्बुर उतर जायेंगे । गीत तेरे उसी दिन संवर जायेंगे ।। अपने दामन में भरने समंदर चलो - वक़्त साहिल पे सारे गुजर जायेंगे ।। मन से...