जब शहर से वापस आना ....!
इसे कविता समझें या संदेश , या फ़िर अभिव्यक्ति के माध्यम से सुझाव उन गुमराह नवजवानों को जो अज्ञानतावश शहर के गलैमर की चकाचौंध में खोकर अपने आस...
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जब शहर से वापस आना ....!
इसे कविता समझें या संदेश , या फ़िर अभिव्यक्ति के माध्यम से सुझाव उन गुमराह नवजवानों को जो अज्ञानतावश शहर के गलैमर की चकाचौंध में खोकर अपने आस...
ऐसी हीं बिंदास होली हो इसबार ...!
होली में हो ली हो वाणी मिठास की , आंखों में झूल जाए मस्ती एहसास की, खिल जाए खुशियाँ, घर में उजास हो, न कोई दु:खी और न कोई उदास हो , म...
प्यार जिससे करो डूबकर के करो !
प्यार के तीन रुप - (एक) मन में उम्मीदों की चाहत भरो , डरो न किसी से , खुद से डरो , यही ज़िंदगी का सही फलसफा है - प्यार जिससे करो डूबकर क...
नव वर्ष की मंगलकामनायें
स्मृति वर्ष-2007 में तय किये आपने नई उपलब्धियों के नए मुकाम , देकर प्रगतिशीलता को नूतन आयाम । वर्ष -2008 के आगमन पर , मेरी शुभकामना है कि...
मज़हवी उन्माद और हम ......!
आये दिन कहीं -न - कहीं ऐसा सुनने को मिल ही जाता है , कि फलां जगह आतंकवादियों ने ब्लास्ट करके जान माल की हानि करदी । भाई मेरे , यदि मज़हब को ढ...
सचमुच कितना महत्वपूर्ण है शब्द ?
बच्चों के लिए ककहरा नौजवानों के लिए भूख और रोटी के बीच का संघर्ष , बूढों- बुजुर्गों के लिए - पिछले अनुभवों का सार और, नपुन्सकों के लिए शक्ति...