आज की लाइफ स्टाइल को देखकर लगता है भारत में अमेरिका उतर आया है : सरस्वती प्रसाद आज की लाइफ स्टाइल को देखकर लगता है भारत में अमेरिका उतर आया है : सरस्वती प्रसाद

स्वागत है आप सभी का पुन: परिकल्पना पर . ब्रेक से पहले मैं  जिस विषय के बारे में आप सभी को बता रही थी वह था...... क्या आप आज के लाईफ स्टाईल स...

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12:03 pm

आकाश मेरी मुठ्ठी से निकल रहा है : रश्मि प्रभा आकाश मेरी मुठ्ठी से निकल रहा है : रश्मि प्रभा

नमस्ते मैं रश्मि प्रभा ! सबसे पहले इस ब्लॉग उत्सव में आप सभी का अभिवादन करती हूँ और - आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आज  इस उत्सव में  ...

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11:01 am

ब्लोगोत्सव-२०१० : आज देखिये रश्मि प्रभा की आँखों से उत्सव के दृश्य ब्लोगोत्सव-२०१० : आज देखिये रश्मि प्रभा की आँखों से उत्सव के दृश्य

मैं समय हूँ ! उपस्थित हूँ ब्लॉग उत्सव के दसवें दिन आज ब्लॉग उत्सव में हिंदी चिट्ठाकारी के इतिहास में नए प्रयोग किये जा रहे हैं और इस प्रयोग ...

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10:01 am

समय की गतिशील धुरी पर परिकल्पना ने त्रिकाल दर्शन करवा दिए :सरस्वती प्रसाद समय की गतिशील धुरी पर परिकल्पना ने त्रिकाल दर्शन करवा दिए :सरस्वती प्रसाद

आशीर्वचन के दो शब्द सुना है --- श्यामल आकाश की सौरभमई मिट्टी पर ही कल्पना के कुसुम खिलते हैं, कोई अज्ञात प्रेरणा मन की बाहें  थामकर चाँद स...

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4:53 pm

जिन्होंने सशस्त्र  क्रान्ति द्वारा अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालकर स्वराज्य प्राप्ति का सपना देखा, वे कौन थे ? जिन्होंने सशस्त्र क्रान्ति द्वारा अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालकर स्वराज्य प्राप्ति का सपना देखा, वे कौन थे ?

"........... १८५७ की क्रान्ति भारतीय इतिहास की एक युग परिवर्तनकारी घटना थी। इस क्रान्ति ने लोगों में गुलामी की जंजीरें  तोड़ने का साहस प...

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3:47 pm

मैं लगभग बेसुध सा तत्क्षण उनके पास पहुंचने के लिए अधीर हो उठता हूं....! मैं लगभग बेसुध सा तत्क्षण उनके पास पहुंचने के लिए अधीर हो उठता हूं....!

"पिता की कराहती आवाज़ हवा संग, ऊंचे पर्वतो उबड़- खाबड़ रास्तो खेत-खलिहानों, नदी -तालो वृक्षों, उनके झुरमुटों के बीच से होकर इस मह...

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2:43 pm

दिये की लौ सा प्रकाशित ये अनोखा बंधन ........! दिये की लौ सा प्रकाशित ये अनोखा बंधन ........!

"............ दिल के दरवाजे से निकला ये अनोखा बंधन , दिल की धड़कन बन धड़कता ये अनोखा बंधन , प्रेम के धागों से बुना ये अनोखा बंधन , प्...

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1:42 pm

अपने रामपाल भइया भी,हाथी पर चढ़े मिलेंगे.......!" अपने रामपाल भइया भी,हाथी पर चढ़े मिलेंगे.......!"

."................ देखना आने वाला अगला चुनाव और भी मजेदार होगा, जब दमदार नेताओं और फिल्मी सितारो के बीच मार होगा, सोनिया के साथ ऐश्वर्...

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1:02 pm

साहित्य को पुरस्कृत करना मानवीय संवेदनाओं और अनुभूतियों की पहचान को दर्शाता है। साहित्य को पुरस्कृत करना मानवीय संवेदनाओं और अनुभूतियों की पहचान को दर्शाता है।

" पुरस्कारों की समाज में प्राचीनकाल से ही एक लम्बी परम्परा रही है। उत्कृष्ट व सृजनात्मक कार्य को सम्मानित-पुरस्कृत करके जहाँ सम्बन्धित ...

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11:59 am

आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ...! आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ...!

"आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ ।हमें अपनी ऒर अपने आस-पास की जीवन शॆली पर भी ध्यान देना होगा ।उसके तिर...

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10:34 am
 
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