साक्षात्कार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
साक्षात्कार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मित्रों  मै ललित शर्मा,  आज उपस्थित हूँ परिकल्पना पर... मित्रों मै ललित शर्मा, आज उपस्थित हूँ परिकल्पना पर...

मि त्रों  मै ललित शर्मा ! आज उपस्थित हूँ ब्लोगोत्सव-२०१० के सोलहवें दिन के कार्यक्रम के संयोजन-समन्वयन और संचालन हेतु परिकल्पना पर ! ...

और जानिएं »
11:30 pm

अगर आपको आगे बढ़ना है तो डिमांड पर काम करना भी आना चाहिए. अगर आपको आगे बढ़ना है तो डिमांड पर काम करना भी आना चाहिए.

स्वागत है आपका पुन: परिकल्पना पर आईये सोनी जी के साथ बातचीत का यह क्रम आगे बढाते हैं -    शायद इसे ही कहते हैं "हपट परे तो हर-हर ग...

और जानिएं »
1:59 pm

कलाकार को स्वतंत्रता नही होती कि किसी के आराध्य देव की पेंटिंग्स में न्युड बनाया जाए :डॉ.डी.डी.सोनी कलाकार को स्वतंत्रता नही होती कि किसी के आराध्य देव की पेंटिंग्स में न्युड बनाया जाए :डॉ.डी.डी.सोनी

स्वागत है पुन: आपका परिकल्पना पर.... हमारे साथ  लगातार बने हुए हैं देश के प्रख्यात चित्रकार डॉ.डी.डी.सोनी....आईये -  उसी कड़ी को आगे बढाते...

और जानिएं »
1:12 pm

एक रुपया कल और आज एक रुपया कल और आज

एक रुपया का सिक्का हाथ में मन बहुत पीछे लौट गया है ---- एक रुपया तो लौटरी जैसा लगता था ! क्या नहीं मिल जाता था !-- नानखटाई, बुढ़िया का बाल (...

और जानिएं »
10:59 am

.........इमरोज़ का अर्थ जो हो , पर मेरी दृष्टि में इसका अर्थ है 'प्यार'  : रश्मि प्रभा .........इमरोज़ का अर्थ जो हो , पर मेरी दृष्टि में इसका अर्थ है 'प्यार' : रश्मि प्रभा

मैं समय हूँ ! आज लेकर उपस्थित हूँ एक और परिचर्चा : इमरोज के बारे में जी हाँ वही इमरोज, जिन्होंने प्रेम की एक नयी परिभाषा गढ़ी , जिन्हों...

और जानिएं »
10:49 am

जिन्हें नाज है हिंद पर, उनके नाम जिन्हें नाज है हिंद पर, उनके नाम

मैं समय हूँ ! आज उपस्थित हूँ पुन: परिकल्पना पर ब्लोगोत्सव-२०१० के बारहवें दिन के - प्रभामंडल को महसूस करने और कराने  हेतु आज क्रान्ति ...

और जानिएं »
11:05 am

ब्लोगोत्सव-२०१० :  एक संभावना हो तुम ! ब्लोगोत्सव-२०१० : एक संभावना हो तुम !

मैं समय हूँ ! आज फिर उपस्थित हूँ परिकल्पना ब्लॉग उत्सव में ... ग्यारहवें दिन मुझे याद आ रहा  है परिकल्पना पर जब ११ मार्च को  पहली बार आ...

और जानिएं »
11:01 am

आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ...! आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ...!

"आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ ।हमें अपनी ऒर अपने आस-पास की जीवन शॆली पर भी ध्यान देना होगा ।उसके तिर...

और जानिएं »
10:34 am

ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का दिन कुछ ख़ास है ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का दिन कुछ ख़ास है

मैं समय हूँ ! आज फिर उपस्थित हूँ ब्लोगोत्सव-२०१० में, क्योंकि आज का दिन कुछ ख़ास है . पारस्परिक सद्भावना को प्रश्रय देने वाले इस उत्सव मे...

और जानिएं »
10:54 am

ब्लोगोत्सव-२०१० : हम व्यस्क कब होंगे ? ब्लोगोत्सव-२०१० : हम व्यस्क कब होंगे ?

यह है शांत जलराशि इसमें आप कंकड़ी फेंकोगे तो - केंद्र विन्दु से वर्तुलाकार अनेक तरंगे उत्पन्न होने लगेगी ....और ये तरंगें ही बता पाएंगी क...

और जानिएं »
10:52 am

ब्लोगोत्सव-२०१० : यह सच है कि बार-बार हार-हार मैं गया ! ब्लोगोत्सव-२०१० : यह सच है कि बार-बार हार-हार मैं गया !

मैं समय हूँ ! इस अवसर पर आज मुझे याद आ रही है महाप्राण निराला की वो पंक्तियाँ- यह सच है- तुमने जो दिया दान दान वह, हिंदी के हित का ...

और जानिएं »
10:55 am

ब्लोगोत्सव-२०१०: जानिये उड़न तश्तरी के पोपुलर होने का राज (3) ब्लोगोत्सव-२०१०: जानिये उड़न तश्तरी के पोपुलर होने का राज (3)

मैं समय हूँ ! मैंने देखे हैं हिंदी ब्लॉगजगत में कई उतार - चढ़ाव , किन्तु एक ऐसा चिट्ठाकार भी देखा है जो अंगद के पाँव ...

और जानिएं »
1:06 pm
 
Top